
चंबा। दशहरे के उपलक्ष्य पर चौगान में दुकानें न लगाने के नगर परिषद के निर्णय से शहर के साथ बाहरी राज्यों को भी निराशा हुई है। रामलीला क्लब ने नगर परिषद के व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्णय का विरोध किया है। इसके साथ ही इस फैसले पर चंबा प्रोग्रसिव काउंसिल ने भी रोष प्रकट किया है। प्रोग्रेसिव काउंसिल की बैठक में उपस्थित रामलीला क्लब के प्रधान दिनेश महाजन ने बताया कि हर वर्ष दशहरे के उपलक्ष्य में चौगान नंबर दो में दुकानें लगाई जाती थीं। इससे जिला के लोगों सहित व्यापारी वर्ग को फायदा होता था। इसके साथ ही रामलीला क्लब को भी कुछ आय प्राप्त होती थी। इससे रामलीला क्लब कई गतिविधियों का आयोजन करवाता था। इस दफा नगर परिषद की ओर से चौगान में व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने से रामलीला क्लब को राजस्व प्राप्त नहीं हुआ है। इससे कई गतिविधियों आयोजित नहीं करवाई जा रही हैं। रामलीला क्लब चंबा ने इस मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस मौके पर एससी नैय्यर, हरी राम पुरी मौजूद रहे, वहीं दशहरे के दौरान दुकानें लगाने के लिए जिला में बाहरी राज्यों के व्यापारी जुटने शुरू हो गए हैं। चौगान में दुकानें लगाने पर प्रतिबंध के चलते कुछ व्यापारियों ने सड़क पर दुकानें सजानी शुरू कर दी हैं।
